कैनेडियन रॉकीज़ में जेलीफ़िश की सबसे पुरानी प्रजाति की खोज की गई।तैरने वाली जेलीफ़िश का प्राचीन साक्ष्य कनाडाई रॉकीज़ में खोजे गए हैं।ये 505 मिलियन वर्ष पहले महासागरों में रहते थे।शोधकर्ताओं को प्रसिद्ध बर्गेस शेल जीवाश्म स्थल से जेलीफ़िश के 182 जीवाश्म मिले हैं ।बर्गेस शेल ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में कनाडा के योहो नेशनल पार्क के पहाड़ों में स्थित है।ये जीवाश्म जेलीफ़िश की एक पूर्व अज्ञात प्रजाति के हैं, जिसे बर्गेस्सोमेडुसा फास्मिफ़ॉर्मिस कहा जाता है।इस खोज से पता चलता है कि ये जीव लाखों साल पहले ही विकसित हो चुके थे।पाँच सौ मिलियन वर्ष पहले ब्रिटिश कोलंबिया में उथला समुद्र आज के जीवित प्राणियों से भिन्न प्राणियों से भरा हुआ था।परन्तु एक ऐसी जेलिफ़िश है जो आज के महासागरों में तैरने वाली जेलीफ़िश के ही समान है।वैज्ञानिकों का कहना है कि कनाडा के बर्गेस शेल में पाए गए जीवाश्म सबसे पुराने ज्ञात जीव हैं जिन्हें हम जेलीफ़िश के रूप में पहचानते हैं ।
कैनेडियन रॉकीज़ जेलीफ़िश
- इनका शरीर मुलायम एवं 95% पानी से बना होता हैं।
- जेलिफ़िश की लंबाई लगभग 8 इंच (20 सेंटीमीटर) होती है।
- घंटी के आकार वाला जेलीफ़िश 500 मिलियन से अधिक वर्ष पहले ही विकसित अवस्था में था।
- ये जेलिफ़िश मेडुसोज़ोअन हैं एवं छतरी के आकार वाले जानवर हैं।
- मेडुसोज़ोअन मूंगा और समुद्री एनीमोन निडारिया नामक एक बड़े समूह के अंतर्गत आते हैं, जो पृथ्वी पर मौजूद जानवरों के सबसे पुराने समूहों में से एक है।
- मेडुसोज़ोअन में आधुनिक बॉक्स जेली, हाइड्रॉइड, डंठल वाली जेलीफ़िश इत्यादि शामिल हैं।
- जीवाश्म के अध्ययन से पता चला कि जेलीफ़िश पॉलीप था, जो 557 मिलियन से 562 मिलियन वर्ष पहले कैंब्रियन (Cambrian) काल से पहले एडियाकरन काल (Ediacaran period) में रहता था।
जेलीफिश
- यह सबसे जहरीले समुद्री जीवों में से एक है, इसका नाम जेली जैसे दिखने वाले मेसोग्लिया (Mesoglea) सामग्री से आता है।
- इनमें रीढ़ की हड्डी नहीं होती, ये चिकने जेली जैसे होते हैं और छोटे चुभने वाली कोशिकाओं से लैस होते हैं।
- यह Jellyfish कई अलग-अलग आकार, साइज़ और रंगों के होते हैं।
- इनमें गति पर सीमित नियंत्रण होता है, और वह अपने घंटीनुमा शरीर के संकुचन स्पंदन के माध्यम से द्रवस्थैतिक शरीर रचना का उपयोग करते हुए संचलन कर सकते हैं।
- इनको श्वसन प्रणाली की जरूरत नहीं होती, क्योंकि इनकी त्वचा इतनी पतली होती है कि वह इसके द्वारा पानी से ऑक्सीजन को अवशोषित करते हैं।
