विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस द्वारा जारी एक रिपोर्ट में पाया गया कि भारत का अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड/खाद्य क्षेत्र वर्ष 2011 से 2021 तक खुदरा बिक्री मूल्य में 13.37% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा है।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड
- प्रसंस्कृत फूड/भोजन में आमतौर पर नमक, चीनी और वसा को मिलाया जाता है। यदि मूल उत्पाद में पाँच या अधिक सामग्रियाँ मिलाई गई हों तो भोजन को अल्ट्रा-प्रोसेस्ड माना जाता है।
- ये अन्य सामग्रियाँ आमतौर पर सुगंध और स्वाद बढ़ाने वाले, इमल्सीफायर और रंग हैं तथा इनका उपयोग उत्पाद को अधिक दिन तक टिकाऊ बनाए रखने और स्वाद को बेहतर बनाने के लिये किया जाता है।
- उदाहरण के लिये कच्चा आटा असंसाधित होता है। दलिया नमक और चीनी मिलाकर प्रसंस्कृत भोजन है। अगर हम आटे से कुकीज़ बनाते हैं और उसमें कई अन्य चीज़ें मिलाते हैं, तो यह अल्ट्रा-प्रोसेस्ड होता है।
चिंताएँ
- नमक, चीनी और वसा आमतौर पर सभी प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में मिलाए जाते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों का नियमित या अधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्यवर्द्धक नहीं माना जाता है।
- वे मोटापा, उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी समस्याएँ और जीवन-शैली संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन में मिलाए जाने वाले कृत्रिम रसायन आँत के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
- आँत के स्वास्थ्य में कोई भी असंतुलन न्यूरोलॉजिकल समस्या और तनाव से लेकर मूड में बदलाव और मोटापे तक कई समस्याओं को जन्म दे सकता है।
- अधिकांश अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में स्वाद बढ़ाने वाले पदार्थों का उपयोग किया जाता है, इसलिये लोग उनके आदी हो जाते हैं।
- इसके अलावा प्राकृतिक भोजन जल्दी खराब हो जाता है और शरीर द्वारा बहुत जल्दी अवशोषित कर लिया जाता है।
- साधारण चीनी की उच्च खुराक का प्रभाव यह होता है कि यह शरीर में इंसुलिन की मात्रा को बढ़ा देती है, जिससे भूख ज़्यादा लगती है और शरीर को अधिक भोजन की आवश्यकता पड़ती है। इसीलिये कहा जाता है कि चीनी व्यसनकारी होती है।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
अस्थायी व्यवधान और रिकवरी
- कोविड-19 महामारी ने एक अस्थायी व्यवधान पैदा किया, जिससे भारतीय अल्ट्रा-प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र की वार्षिक वृद्धि दर वर्ष 2019 के 12.65% से घटकर 2020 में 5.50% हो गई।
- हालाँकि वर्ष 2020-2021 में इस क्षेत्र ने 11.29% की वृद्धि दर के साथ उल्लेखनीय रूप से वापसी दर्ज की।
प्रमुख श्रेणियाँ और बिक्री की मात्रा
- सबसे लोकप्रिय अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य श्रेणियों में चॉकलेट और चीनी कन्फेक्शनरी, नमकीन स्नैक्स, पेय पदार्थ, तैयार और सुविधाजनक खाद्य पदार्थ तथा नाश्ता आदि आहार शामिल हैं।
- वर्ष 2011 से 2021 तक खुदरा बिक्री की मात्रा के संदर्भ में पेय पदार्थों की हिस्सेदारी सबसे अधिक थी, इसके बाद चॉकलेट, चीनी कन्फेक्शनरी और रेडीमेड तथा सुविधाजनक खाद्य पदार्थों का स्थान था।\
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और उपभोग के बदलते तरीके
- स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं ने महामारी के दौरान कार्बोनेटेड मीठे पेय पदार्थों से फलों और सब्जियों के रस/जूस की ओर रुख किया, ऐसा उन्होंने संभवतः कथित प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले गुणों में वृद्धि के लिये किया।
- हालाँकि इन वैकल्पिक पेय पदार्थों में उच्च स्तर की शर्करा भी शामिल हो सकती है।
